कहते हैं कि किताबें ही आदमी की सच्ची दोस्त होती हैं, जमाना बदल रहा है ..लोगों के पास समय की कमीं होती जा रही है | किताबों को पढने का भी तरीका परिवर्तित हुआ है | अब जामना डिजिटल है तो किताबें भी डिजिटल हुईं ..जिन्हें हम “ई-पुस्तक(ई-बुक)” कहते हैं ..पर आमतौर पर लोगों की शिकायत रही है कि कंप्यूटर पर किताबें पढने में वो मज़ा कहाँ ? …मैं भी सहमत हूँ |
पर आपकी राय बदल जायेगी ..हाँ हाँ …एक ऐसा ई-बुक रीडर जो आपको ठीक वैसा ही अनुभव देगा . जैसे कि आप कोई पुस्तक अपने हांथों में पकड़कर पढ़ रहे हों | हाँ हाँ मैं ..सोफ्टवेयर की ही बात कर रहा हूँ …किसी हार्डवेयर डिवाईस (किंडल, पाई ) की नहीं ..जो काफी आम आदमी के लिए महंगें हो सकते है , जबकि ये सोफ्टवेयर बिल्कुल फ्री है | वैसे मैं इन दोनों किंडल, पाई पर लिख चुका हूँ |
चलो अब ज्यादा इंतज़ार ना कराके ..नाम बताता हूँ .. Martview
पर इससे पहले आप डाउनलोड करें मैं बताना चाहूँगा ..इसे बढ़िया तरीके से चलाने के लिए ज्यादा RAM की आवश्यकता होगी | मैंने इसे 512 MB, 384 MB पर आजमा कर देख चुका हूँ | इससे ज्यादा हो तभी बढ़िया रहेगा, नहीं तो आपके पीसी को काफी स्लो (Slow) कर देगा |
चलो अब पहले आपको कुछ स्क्रीनशोट दिखाता हूँ ..और फिर इसके फीचर्स की चर्चा करते है |
कैसा लगा ..जी हाँ ये स्क्रीनशोट मेरे द्वारा ही लिए गए है |
फीचर्स :
1) अब तक आपने जितने ई-बुक रीडर सोफ्टवेयर इस्तेमाल कियें हैं, उन सबसे इसका इंटरफेस और लुक बिल्कुल अलग मिलेगी |
2) यहाँ आप वैसे ही पन्ने पलट सकते है ..जैसे किसी वास्तविक पुस्तक के, साथ ही क्षैतिज, सीधे,स्लाईड ,थम्बनेल,आदि में तो देख ही सकते है |
3) इसे आप अपने माउस(Mouse) से ही पूरा कंट्रोल कर सकते है , कीबोर्ड शोर्टकट कीज भी है |
4) टचस्क्रीन सपोर्ट कर सकता है | तो हो गया ना फ्री का आमेजन किंडल |
5) Martview.com से आप फ्री में ई-बुक भी डाउनलोड कर सकते है, साथ की अपनी बुक बनाकर अपलोड कर सकते है |
और ज्यादा जानकारी यहाँ है |
मैं तो कहूँगा ..आप एक इसे जरूर ट्राई करें …काफी जबरदस्त सोफ्टवेयर है |
और हाँ अगर आपको पढने के लिए हिंदी ई-बुक चाहिए हो तो बेहिचक संपर्क करें …”संपर्क-कड़ी” ब्लॉग के मेनू-बार(ऊपर) लगा रखी है | या सीधे कमेन्ट के जरिये बता दीजिए ..अगर मेरे पास लिंक होगी तो जरूर शेयर करूँगा |
वैसे दो साईट हैं : http://www.pustak.tk और http://www.apnihindi.com/