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आगामी लोकसभा चुनाव में युवा भागीदारी और सोशल मोबाइल एप्स....


सर्वप्रथम आपको नववर्ष की हार्दिक शुभ कामनाएं
 
यह वर्ष काफी महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकिं इसी वर्ष देश में आम चुनाव होने वाले हैं, जिनके परिणाम सिर्फ पांच साल ही नहीं, आगे के लिए भी देश में काफी अहम भूमिका निभाने वाले हैं |
ऐसा इसीलिए, क्योंकि आने वाला दशक ..अब परिवर्तन का दशक साबित होने वाला है, पिछले कुछ राज्यों के परिणामों में कुछ कुछ स्थिति साफ़ भी की हैं |
अब बदलाव चाहिए, छुटकारा चाहिए इस पुरानी जंग लगी सोच से…”कछुआचाल सेदेश को रफ़्तार चाहिए ….

पर कौन करेगा ?

इतिहास बताता रहा है, कि परिवर्तन की शुरुआत ..हमेशा नयी सोच ने ही की है ….
तो फिर से एक बार जिम्मेदारी युवा पीढ़ी पर ही है ..पर इस बार असल में ये युवाहै कहाँ ?
आप कहीं हनी सिंहके गानों के बे-तरतीब दीवानों को? , “नशेको बुरा नही…”आधुनिकमानने वाले को ? ….अपनी सामाजिक जिम्मेदारी से भागने वाले को ?…..रात को डिस्को, पब्स में धुत पड़े दिशाहीन कुंठित युवको को ?……… तो युवा नहीं समझ रहे ?
मैं तो नही मानता हाँ, ये संख्या तेजी से बढ़ रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है |
युवावो ही है….जो अपनी जिम्मेदारी जानता है, वो अपना महत्व समझता है.और वो इस बार भी समझेगा |


पर कैसे ?


समय बदलता है, तो तरीके भी बदलते हैं, और इसका बेहतर इस्तेमाल करना इस पीढ़ी ने हमेशा किया है |
अब तकनीक इतनी उन्नत हो चुकी हैं, कि काफी समस्याएं तो रहीं ही नहीं है, जो हैं ..उनको इसके बेहतर इस्तेमाल से बड़ी ही आसानी से किया जा सकता है
आज युवा पीढ़ी के पास जो सबसे बड़ा इस्तेमाल है ..वो है बेशक इन्टरनेटऔरसोशल नेटवर्किंग
अब निर्भर इस बात पर है कि इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है, क्योकि ये महज एक माध्यम है, और किसी भी माध्यम की सार्थकता उसके उपयोगकर्ता पर ज्यादा निर्भर करती है |

अगर बात सटीक संवाद, संपर्कता की बात की जाए तो आजकल चल रहे मोबाइल सोशल एप्स जैसे कि WeChat, WhatsApps, Line आदि ज्यादा प्रासंगिक साबित हो रहे हैं
अगर यहाँ बात की जाए “WeChat” की


तो इसमें बेसिक कम्युनिकेशन से आगे बढ़कर भी कई ऐसे एडवांस्ड फीचर्स है, जैसे फ्री ग्रुप चैट, फ्री वौइस् चैट, फ्री विडियो चैट, लोकेशन के हिसाब से आपने निकट मौजूद अजनबी से भी चैट, कई सारे विजुअल स्टीकर जो कई शब्दों की बात अकेले कर सकतें है |
तो खूबियाँ तो सारी होती है जो एक बेहतर संवाद के लिए चाहिए बस सही से उपयोग करने की है


कैसे मोबाइल सोशल एप्सके जरिये ज्यादा से ज्यादा युवा जोड़े जा सकते है ?

कोई कुछ भी कह ले ..पर चाहे सोशल नेटवर्किंग साईट्स हों या मोबाइल सोशल एप्स” ..दोनों की मूलभावना आपस में जोड़ना ही है ..और वे उसमे कामयाब भी रहे है ..सोशल नेटवर्किंग साईट्स का अपना अलग स्थान है, जबकि अब इन मोबाइल सोशल एप्सका भी स्थान तेजी से बदल रहा है , ये ज्यादा करीब हैं, सुगम, सरल और ज्यादा वास्तविक से हैं ..

मैं यहाँ उदाहरण के लिए, WeChat को लेकर चलता हूँ, कि ये अगले चुनावों में युवायों को कैसे आगे ला सकता है, कैसे आपस में जोड़ सकता है

१. संघे शक्ति:
संघे शक्ति ..यानि अगर एक साथ मिलकर काम किया जाये ..तो कुछ असंभव नहीं ..जैसे बूंद बूंद से ही सागर भरता है, वैसे ही ऐसे तमाम गुमराह करने वाले अँधेरे माहौल में अगर अच्छे लोग मिलकर, एक जुटकर काम करें ..तो मंजिलबहुत ही आसान हो जाएगी ..

किसी योग्य, ईमानदार उम्मीदवार के बारे में एक टेक्स्ट मेसेज, एक विडियो, एक सन्देश काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, ग्रुप चैट (Group Chat”) या मेसेज ब्रोडकास्टिंग के जरिये ये बेहतर तरीके से किया जा सकता है |
और ये एक दो मेसेज, विडियो, पिक्चर जब अच्छे उद्देश्य के लिए मिलकर फैलेंगे, तो फिर कई दूसरे भी इससे जुड़ते जायेंगे |

२. वॉकी-टॉकी 
कल्पना करो भारी से भारी भीड़ को चंद लोग कैसे नियंत्रित करते है, बेहतर सूझबूझ और एक बेहतर संवाद प्रणाली से .. वॉकी-टॉकी से बेहतर क्या हो सकता है ?
WeChat के Voice Chat फीचर को वॉकी-टॉकी के रूप में मतदान के दौरान बहुत बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है ..और ये रोचक भी लगेगा |

३. आस - पास को जानो:
 
कहते हैं, अगर जीत चाहिए तो सजगबनो….सतर्क रहो ..इसके लिए आपके आस पास क्या घटित हो रहा है, उससे
आपका परिचय प्रतिदिन होते रहना चाहिए, उसके लिए आपस में न्यूज शेयरिंग, लोकेशन आधारित चैट काफी मददगार हो सकती है |




४. कैद करो ..इन भ्रष्ट गुलामोंको ..


अंत में सबसे असरदार हथियार ..कैमरा”..जिससे इनकी नापाक हरकतों को ..जो अब पर्वतसी होती जा रही हैं को कैद करों फिर छोडो उसे आजाद" मैदान में जहाँ ये नंगेहो सके कुछ शर्म लगे …|



ये बात पहले भी सिद्ध हो चुकी है, इस तरीके के माध्यम से भी कई सफल क्रांतियाँ हो चुकी हैं, निर्भर करता है, उसे इस्तेमाल कैसे किया जाए

ये साल उम्मीदकी हैअबकी पछतानाना पड़े अभी बहुत आगे जाना है, सो अब और देरनही ..
जागो दोस्तों…..इस बार

यह पोस्ट IndiBlogger के द्वारा चलाये जा रहे ..Indian General Elections 2014 with social mobile apps” Contest के अंतर्गत लिखी गयी है |

इसी विषय मेरा एक लेख “English” में भी है, कृपया एक पधारें ..और सुझाव जरूर दें |

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